पाहि रामप्रभो


रागम्: मध्यमावति
तालम्: झम्प

पाहिरामप्रभो पाहिरामप्रभो
पाहिभद्राद्रि वैदेहिरामप्रभो ॥ पाहिरामप्रभो ॥

श्रीमन्महागुणस्तोमाभिराम मी
नामकीर्तनलु वर्णिन्तु रामप्रभो ॥ 1 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

सुन्दराकार हृन्मन्दिरोद्धार सी
तेन्दिरा संयुतानन्द रामप्रभो ॥ 2 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

इन्दिरा हृदयारविन्दादिरूढ
सुन्दाराकार आनन्द रामप्रभो ॥ 3 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

ऎन्दुनेजूड मीसुन्दराननमु
कन्दुनो कन्नुलिम्पॊन्द रामप्रभो ॥ 4 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पुण्यचारित्रलावण्य कारुण्य गां
भीर्य दाक्षिण्य श्रीरामचन्द्रप्रभो ॥ 5 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कन्दर्पजनक नायन्दु रञ्जिल सदा
नन्दुडवै पूजलन्दु रामप्रभो ॥ 6 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

इम्पुगा जॆवुलकु न्विन्दुगा नीकथल्‌
कन्दुगा मिम्मु सॊम्पॊन्द रामप्रभो ॥ 7 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

वन्दनमुचेसि मुनुलन्दरु घनुलैरि
विन्दवैनट्टि गोविन्द रामप्रभो ॥ 8 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

बृन्दारकादि सद्बृन्दार्चितावतार
विन्द मुनि सन्दर्शितानन्द रामप्रभो ॥ 9 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

तल्लिविनीवॆ मातण्ड्रिविनीवॆ मा
धातवुनीवॆ माभ्रात रामप्रभो ॥ 10 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पल्लवाधरलैन गॊल्लभामलगूडि
युल्लमलरङ्ग रञ्जिल्लु रामप्रभो ॥ 11 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मल्लरङ्गम्बुनन्दॆल्ल मल्लुलजीरि
यल्ल कंसुनि जम्पु मल्ल रामप्रभो ॥ 12 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कॊल्ललुग नीमाय वॆल्लिविरियग जेय
सल्लापमुन क्रीडसल्पु रामप्रभो ॥ 13 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

तम्मुडुनु नीवु पार्श्वम्मुलञ्जेरि वि
ल्लम्मुलॆक्कॆडि निल्चुटिम्मु रामप्रभो ॥ 14 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

क्रम्मुकॊनिशात्रवुलु हुम्मनुचुवच्चॆदरु
इम्मैनबाणमुलिम्मु रामप्रभो ॥ 15 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

रम्मु नाकभयम्मु निम्मु नीपादमुल्‌
नम्मिनानय्य श्रीरामचन्द्रप्रभो ॥ 16 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कण्टि मी शङ्खम्मु कण्टि मी चक्रमु
कण्टि मी पादमुल्गण्टि रामप्रभो ॥ 17 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

विण्टि महिम वॆन्नण्टि तम्मुडु नीवु
जण्टरावय्य नावॆण्ट रामप्रभो ॥ 18 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मेमु नीवारमैनामु रक्षिम्पुम
न्नामु जागेल श्रीरामचन्द्रप्रभो ॥ 19 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

नामनोवीधिनि प्रेमतोनुण्डु मी
भूमिजासहित जय रामचन्द्रप्रभो ॥ 20 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मी महत्त्वम्मु विन मनमन्दु प्रेम
वेमरुन्‌ बुट्टु श्रीरामचन्द्रप्रभो ॥ 21 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

श्यामसुन्दर कोमलं जानकीमनः
कामुकं त्वं भजे रामचन्द्रप्रभो ॥ 22 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कामितार्थमुलिच्चु नी महत्वमु विन्न
ना मॊरालिञ्चु नास्वामि रामप्रभो ॥ 23 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कामितप्रभुडवै प्रेमतो रक्षिञ्चु
स्वामि साकेतपुरि रामचन्द्रप्रभो ॥ 24 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

अन्न रावन्न नीकन्न नामीद नॆन
रुन्न वारेरि नायन्न रामप्रभो ॥ 25 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

निन्नॆगाकनु मरे यन्युलगानन्‌
गन्नतण्ड्रिविग मायन्न रामप्रभो ॥ 26 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

वॆन्नदॊङ्गिलि तिन्न चिन्नकृष्णम्म नि
न्नॆन्नगा वशमॆ रावन्न रामप्रभो ॥ 27 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

ऎन्नॆन्नो जन्ममुल नॆत्तजालनु इक
निन्नॆ नॆम्मदिनि वर्णिन्तु रामप्रभो ॥ 28 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

ऎन्निविधमुलनैन निन्नॆ नम्मिन वानि
मन्निञ्चि दयचेयुमन्न रामप्रभो ॥ 29 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पन्नगाधिपशायि भावनातीत आ
पन्न नामनवि विनवन्न रामप्रभो ॥ 30 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मेटिवाक्यम्बु मीसाटिदैवम्बु मु
म्माटिकिनि भुविलेदु मेटि रामप्रभो ॥ 31 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पाडुदुनु मिम्मु गॊनियाडुदुनु मोदमुन
वेडुचुन्नानु गापाडु रामप्रभो ॥ 32 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

वेडुकोगानॆ नीजोडुकाडुनु नीवु
कूडि रारय्य नातोड रामप्रभो ॥ 33 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

नेडु नाकोर्कॆ लीडेरगाजेसि का
पाडरा करिनेलु जाड रामप्रभो ॥ 34 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मूडुमूर्तुल कात्ममूलमै चॆन्नॊन्दु
वाडवनि श्रुतुलु निन्नाडु रामप्रभो ॥ 35 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

चूडु मीभक्तुलनु गूडु मीरिपुल गो
राडु मीवल्ल गोविन्द रामप्रभो ॥ 36 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पुण्डरीकाक्ष मार्ताण्डवंशोद्भवा
खण्डलस्तुत्य कोदण्ड रामप्रभो ॥ 37 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कुण्डलिशयन भूमण्डलोद्धरण पा
षण्डजनहरण कोदण्डरामप्रभो ॥ 38 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

निण्डुदयतोड नायण्ड बायकनु नी
वुण्डि गापाडु कोदण्डरामप्रभो ॥ 39 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

जातकौतूहलं चक्षुकृत्यारमां
पूतसीतापते दात रामप्रभो ॥ 40 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पातकुललो मॊदटि पातकुड नावण्टि
पातकुनि कावुटे ख्याति रामप्रभो ॥ 41 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

भूतनाथुनि विल्लु ख्यातिगा खण्डिञ्चि
सीतगैकॊन्न विख्यात रामप्रभो ॥ 42 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पूतनाकल्मषोद्धूत पॆन्‌शत्रु सं
हारि श्रीसीतासमेत रामप्रभो ॥ 43 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

जातिनीतुलुलेक भूतलम्बुन दिरुगु
घातकुल बरिमार्चु नेत रामप्रभो ॥ 44 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

ऎप्पुडुनु गण्टिकि रॆप्पवलॆ गाचि न
न्नॊप्पुगागावु मायप्प रामप्रभो ॥ 45 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

एदया नीदया योदयाम्भोनिधी
यादिलेदय्य नामीद रामप्रभो ॥ 46 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

घोरराक्षस गर्वहार विश्वम्भरो
द्धार गुणसान्द्रविस्तार रामप्रभो ॥ 47 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मोदमुन नीवु नन्नादुकोवय्य गो
दावरी तीर भद्राद्रि रामप्रभो ॥ 48 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

नीदु बाणम्बुलनु नादुशत्रुलबट्टि
बाधिम्पकुन्नावदेमि रामप्रभो ॥ 49 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

आदिमध्यान्त बहिरान्तरात्मुडवनुचु
वादिन्तुने जगन्नाथ रामप्रभो ॥ 50 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

चालदेमि पदाब्जमुलसाटि यीपदु
नाल्गुलोकम्बुल गूडि रामप्रभो ॥ 51 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

एल यीलागु जागेल जेसॆदवु म
म्मेलुकोवय्य मापालि रामप्रभो ॥ 52 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पालुवॆन्नलु म्रुच्चिलिन्तिवनि यशोद
रोटगट्टिन मायचालु रामप्रभो ॥ 53 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कॊल्ललुग व्रेपल्लॆ पल्लवाधरुलतो
नल्लबिल्लिगनु रञ्जिल्ल रामप्रभो ॥ 54 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

वालि नॊक्कम्मुनन्‌ गूलवेसिन शौर्य
शालियौ निनुदलतु जाल रामप्रभो ॥ 55 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

सालभञ्जिकल निर्मूलम्बु चेयगा
जालितिवि गोपालबाल रामप्रभो ॥ 56 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

तालवृक्षमु लॊक्ककोल धरगूलगा
लीलनेसिन बाहुशालि रामप्रभो ॥ 57 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

(शिलयैन यहल्य श्रीपादमुलु
सोक नॆलतयै मिमु मदितलचॆ ॥ 58 ॥ पाहिरामप्रभो ॥)

विनवय्य मनवि गैकॊनवय्य तप्पुलन्‌
गनकय्य सम्मतिन्गॊनुचु रामप्रभो ॥ 59 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

दानधर्मम्बुलुन्‌ दपजपम्बुलु नीदु
नामकीर्तनकु सरिरावु रामप्रभो ॥ 60 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मानावमानमुलु महिनि नीवै युण्ड
माकेल मदिनि ईचिन्त रामप्रभो ॥ 61 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

ज्ञानयोगाभ्यासमन्दु नुण्डॆडिवारि
कानन्दमयुडवैनावु रामप्रभो ॥ 62 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

भानुवंशमुनन्दु मानवाधिपुडवै
दानवुल बरिमार्चिनावु रामप्रभो ॥ 63 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

अणुरेणु परिपूर्णुडौ हृदयवास ना
मनवि विनु देवकीतनय रामप्रभो ॥ 64 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मान्यमै आश्रितवदान्यमै सुजन स
न्मान्यमै वॆलुगु मूर्धन्य रामप्रभो ॥ 65 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

नित्यमै सत्यमै निर्मलम्बै महिनि
दिव्यवंशोत्तंसमैन रामप्रभो ॥ 66 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

सेव्यमै मीपदद्भाव्यमै सज्जन
श्राव्यमै युण्डुनो दिव्य रामप्रभो ॥ 67 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

गट्टिगा नीवुनन्‌ पट्टुगा विहितमौ
नट्टुगा मम्मु चेपट्टु रामप्रभो ॥ 68 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

दिट्टयगु ताटकिनिगॊट्टि वेगमॆ गाधि
पट्टि यागमु गाचिनट्टि रामप्रभो ॥ 69 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

चुट्टुकॊनि कालिङ्गु डट्टहासमुचेय
पट्टुकॊनि तलनॆक्किनट्टि रामप्रभो ॥ 70 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

सन्ततमु नन्नु रक्षिन्तुवनि नम्मि मि
म्मॆन्तुरा जानकीकान्त रामप्रभो ॥ 71 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पन्तमुन मी पादचिन्तनमु चेय ना
वन्तलन्नियु मानुटॆन्त रामप्रभो ॥ 72 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

विन्तगादय्य नेनिन्तनाडिनदि ना
पन्तमुन मिम्मु भाविन्तु रामप्रभो ॥ 73 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

शान्तमूर्तिनि रमाकान्तुडवनि चाल
सन्तसम्बुन निन्नु नॆन्तु रामप्रभो ॥ 74 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

अक्षयम्बैन नीकुक्षिलो लोकमुल
रक्षिञ्चितिवि लक्ष्मीवक्ष रामप्रभो ॥ 75 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

दन्तिवत्सल भक्तचिन्तामणी विश्व
मन्तयुनु नीवु रक्षिञ्चु रामप्रभो ॥ 76 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पक्षिवाहन शत्रुनिक्षेपणा नन्नु
रक्षिञ्चु मोक्षप्रदात रामप्रभो ॥ 77 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

रक्षिञ्चि सज्जनुल वीक्षिञ्चि दुर्जनुल
राक्षसुल शिक्षिञ्चिनावु रामप्रभो ॥ 78 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

रक्षकुडवै जगद्रक्षणमुचेयगा
राक्षसुल शिक्षिञ्चिनावु रामप्रभो ॥ 79 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

लक्ष्मीकटाक्ष वीक्षणधार वृष्टि मा
कक्षयम्बुग कटाक्षिञ्चु रामप्रभो ॥ 80 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

रावया अभयम्बु लीवया नास्वामी
नीवया गति देवराय रामप्रभो ॥ 81 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कावु कावुमटञ्चु काकासुरुडुराग
काचि रक्षिञ्चिनावय्य रामप्रभो ॥ 82 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

देवदेवोत्तमा देवेन्द्रसन्नुता
काववेनन्नु श्रीरामचन्द्रप्रभो ॥ 83 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

भावजजनक ना बाधलन्नियुमान्पि
ये विधम्बुनैन नेलु रामप्रभो ॥ 84 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

श्रीवैष्णवुलपालि चिन्तामणिवि चाल
सेवगैकॊनि करुणचेयु रामप्रभो ॥ 85 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

भावमुन मिमुभक्ति सेविञ्चु जनुलकु
कैवल्यमॊसगु श्रीरामचन्द्रप्रभो ॥ 86 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

गोपालुरनु गूडि यावुलनु मेपि
आपदोद्धारकुडवैन रामप्रभो ॥ 87 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

नापालि श्रीराम भूपालका ननु
कापाडराव गोपाल रामप्रभो ॥ 88 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

सारमौशौर्य विस्तारमौ सुन्दरा
कारसद्भक्तमन्दार रामप्रभो ॥ 89 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

शरणागतत्राण बिरुदाङ्कितम्बैन
वरमु नाकॊसगु येमरक रामप्रभो ॥ 90 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

श्रीराम रामेति श्रेष्ठमन्त्रमु सारॆ
सारॆकुनु विन्तगा जदुव रामप्रभो ॥ 91 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

श्रीराम नीनाम चिन्तनामृतपान
सारमे नादुमदि गोरु रामप्रभो ॥ 92 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

चेरि मीपाद पद्माराधनमु चेय
कोरिनानय्य श्रीरामचन्द्रप्रभो ॥ 93 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

घोरराक्षसगर्वहारि विश्वम्भरा
भूरिगुणसान्द्र विस्तार रामप्रभो ॥ 94 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मारीचमायानिवार शरसन्धान
धारुणीतनया विहार रामप्रभो ॥ 95 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

परवासुदेव यक्षयपात्र मॊसगि न
न्नरसि पोषिम्पगदवय्य रामप्रभो ॥ 96 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

परधनम्बुनु परस्त्रील नपेक्षिञ्चु
नरुकब्बुने मोक्षमरय रामप्रभो ॥ 97 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कामादिदुर्गुण स्तोमम्बुलडग मी
नामामृतमॆ दिक्कु रामचन्द्रप्रभो ॥ 98 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

दुष्टुलगु दानवुल नष्टम्बुगा जेयगा
बुट्टितिवि कौसल्य पट्टि रामप्रभो ॥ 99 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कष्टपडलेनय्य पट्टाभिराम ना
किष्टसम्पदलिच्चि येलु रामप्रभो ॥ 100 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

केशवायनिन भवपाशमुलॊलगु स
र्वेशकोटि शशिप्रकाश रामप्रभो ॥ 101 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

नारायणा नीदु नामामृतं बॆपुडु
पारायणमु चेतु नेनु रामप्रभो ॥ 102 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

माधवायनियु सम्मोदमुन निनुगॊल्चु
साधुसज्जनदयाम्भोधि रामप्रभो ॥ 103 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

गोविन्द गोविन्द गोपालकृष्णयनि
गोपकुलु गॊनियाडु गोपरामप्रभो ॥ 104 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

विष्णुना सर्ववर्धिष्णुना तत्त्व भू
यिष्णुना निर्मितं कृष्ण रामप्रभो ॥ 105 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

श्रीधरा श्रीकरा श्रीनारसिंह गं
गाधर स्तोत्र यानन्द रामप्रभो ॥ 106 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

मत्स्यमै जलधिलो जॊच्चि सोमकुद्रुञ्चि
तॆच्चि वेदमु लजुनकिस्ति रामप्रभो ॥ 107 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कूर्मरूपमु नॊन्दि कॊण्डमूपुनदाल्चि
कूर्मितो नमृतम्बुगूर्चि रामप्रभो ॥ 108 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

वराहरूपमुन वसुधगॊम्मुननॆत्ति
सुरल रक्षिञ्चु दाशरथि रामप्रभो ॥ 109 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

शरणन्न प्रह्लादु गरुणिञ्चि रक्षिम्प
नरसिंहमूर्तिवैनट्टि रामप्रभो ॥ 110 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

वामनत्वमुन भूदानमडिगियु बलिनि
भूमिक्रिन्दनडञ्चि पॊल्चु रामप्रभो ॥ 111 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

परशुरामुडनङ्ग नरपालकुलनॆल्ल
नरसिपॊरिकॊन्न दाशरथि रामप्रभो ॥ 112 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

श्रीराममूर्तिवै यारावणुनि तलल्‌
धारुणिन्‌ पडगूर्चिनावु रामप्रभो ॥ 113 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

हलधरुडवै धरास्थलिपालकुलनॆल्ल
बॊरिपुच्चि वॆलुगुमापालि रामप्रभो ॥ 114 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

सिद्धसन्नुत मनोबद्धुण्डवै नीवु
बौद्धुण्डवैति प्रबुद्ध रामप्रभो ॥ 115 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

कलिकिरूपमुदाल्चि कलियुगम्बुन नीवु
वॆलसितिवि भद्राद्रिनिलय रामप्रभो ॥ 116 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

अव्ययुडवैन नीयवतारमुल जूचि
दिव्युलैनारु मुनुलय्य रामप्रभो ॥ 117 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

श्रीरामनाममे वेलस्मरियिन्तु
स्वामि दयचेयु सम्पदनु रामप्रभो ॥ 118 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

अप्प शेषशयन यॆप्पुडु निनु मरुव
नॊप्पुगा ब्रोवु वरदप्प रामप्रभो ॥ 119 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

तॆप्परम्बुलुदीर्चि यिप्पुडेमरक नन्‌
द्रिप्पु बॆट्टक चेपट्टु रामप्रभो ॥ 120 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पट्टाभिराम नीपादपद्माश्रयुल
पालिम्पुमा भद्रशैलि रामप्रभो ॥ 121 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

पट्टाभिराम निनु प्रभुडवनि नम्मितिनि
कष्टपॆट्टकनु चेपट्टु रामप्रभो ॥ 122 ॥ पाहिरामप्रभो ॥

प्रायः पृष्टाः प्रश्नाः

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