होम › हिंदी › कर्णाटक सङ्गीतम् – जण्ट स्वराः
रागम्: माया मालव गौल (मेलकर्त 15)
स्वर स्थानाः: षड्जम्, शुद्ध ऋषभम्, अन्तर गान्धारम्, शुद्ध मध्यमम्, पञ्चमम्, शुद्ध धैवतम्, काकलि निषादम्
आरोहण: स रि1 . . ग3 म1 . प द1 . . नि3 स’
अवरोहण: स’ नि3 . . द1 प . म1 ग3 . . रि1 स
तालम्: आदि
अङ्गाः: 1 लघु (4 काल) + 1 धृतम् (2 काल) + 1 धृतम् (2 काल)
1.
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
What is कर्णाटक सङ्गीतम् - जण्ट स्वराः?
कर्णाटक सङ्गीतम् - जण्ट स्वराः is a Carnatic Music available on Bhakti Granth in the selected language or script.
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